एनएचपीसीयन कहलाते हैं
हम ।
अथाह जल की उर्जा से
रौशनी निकाल कर ,
घरों ही नहीं दिलों को
भी रौशन करते हैं हम ,
एनएचपीसीयन कहलाते हैं
हम ।
".. हमारे दिल से आपके दिल तक ,/ बात निकली है तो जायेगी दूर तक ,/ ये 'किरण'जो चली है यहाँ से वहाँ तक ,/ रौशनी कर देगी वहाँ , पहुँचेगी जहाँ तक । " ----------- अश्विनी कुमार तिवारी